चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेनार गांव के समीप एक नवीन श्री जय खोडियारमाताजी मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह मंदिर गुरुदेव श्री रषिकराज जी के दिव्य स्वप्न और उनकी गहन इच्छा का प्रतिफल है, जिनकी अभिलाषा थी कि इस स्थान पर मां खोडियार का एक भव्य मंदिर स्थापित हो, जो भक्तों के लिए शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बने।
गुरुदेव श्री रषिकराज जी के देवलोकगमन के उपरांत उनके निष्ठावान शिष्यों ने इस संकल्प को मूर्त रूप देने का दायित्व संभाला। श्री जय खोडियारमाताजी चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में, इन शिष्यों के अथक परिश्रम और समर्पण से मंदिर निर्माण का कार्य नवम्बर २०२३ से चल रहा है। मां खोडियार की दिव्य प्रतिमा की स्थापना पहले ही की जा चुकी है। इस मंदिर की ज्योत भावनगर राजपुरा स्थित प्राचीन मंदिर से लाकर स्थापित की जाएगी।
मंदिर के लिए भूमि मांगी लाल पिता भंवर लाल उदावत द्वारा दान में दी गई है। वर्तमान में, संस्था के ट्रस्टी शिव कुमार तेली मंदिर के पूजा प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
यह निर्माणाधीन मंदिर गुरुदेव श्री रषिकराज जी को एक श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है और इसके पूर्ण होने पर क्षेत्र में आस्था के एक नवीन केंद्र के रूप में उभरने की संभावना है।
मां खोडियार, जिन्हें स्नेह से 'खोड़ल मां' भी कहा जाता है, गुजरात और राजस्थान सहित भारत के कई हिस्सों में लाखों लोगों द्वारा पूजी जाने वाली एक श्रद्धेय लोक देवी हैं। उन्हें साहस, शक्ति, न्याय और करुणा की देवी माना जाता है।
ऐसी मान्यता है कि मां अपने भक्तों की हर संकट में रक्षा करती हैं और उनकी सच्ची मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। उनका वाहन मगरमच्छ है, जो दृढ़ता और अदम्य शक्ति का प्रतीक है। मां खोडियार की आराधना भक्तों को निर्भयता और जीवन में आने वाली बाधाओं से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है।
श्री जय खोडियारमाताजी चैरिटेबल ट्रस्ट का प्रयास है कि यह मंदिर केवल एक पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आध्यात्मिक और सेवा गतिविधियों का भी एक जीवंत केंद्र बने, जैसा कि गुरुदेव श्री रषिकराज जी की परिकल्पना थी।
भविष्य में यहां विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, सत्संग, भंडारा, और समाज कल्याण के कार्यों को आयोजित करने की योजना है। मंदिर परिसर को एक ऐसे स्थान के रूप में विकसित किया जाएगा जहां सभी भक्त शांति, सकारात्मकता और मां की कृपा का अनुभव कर सकें।
निर्माण कार्य प्रगति पर है, और ट्रस्ट सभी भक्तों और सहयोगियों का आभारी है जो इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं।
नियमित आरती, पूजा और विशेष पर्वों पर विशेष आयोजन।
जरूरतमंदों की सहायता और सामुदायिक विकास के कार्य।
ध्यान, सत्संग और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार।
श्री जय खोडियारमाताजी मंदिर चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48, पूर्व NH-76) पर, मेनार गांव (प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य के लिए जाना जाता है) से कुछ ही दूरी पर स्थित है।
मुख्य राजमार्ग पर होने के कारण यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। उदयपुर शहर से इसकी दूरी लगभग 45-50 किलोमीटर है।
मंदिर वर्तमान में निर्माणाधीन है। दर्शन और यात्रा संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें।
(एक बार पूर्ण रूप से संचालित होने पर, नियमित दर्शन के समय यहां अपडेट किए जाएंगे।)
श्री जय खोडियारमाताजी मंदिर के निर्माण और विकास कार्यों में आपके सहयोग का स्वागत है। अधिक जानकारी या किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए, कृपया निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क करें:
पता: राजकीय उच्च स्कूल के पास , महाराज की खेड़ी ,तहसील वल्लभनगर जिला उदयपुर -313022 (राज.)
ईमेल: jaishrikhodiyarmaa@gmail.com
फ़ोन: +91 99291-20453

BANK : CANANRA BANK BRANCH:UDAIPUR
ACCOUNT NO.:1101811016678 IFSC: CNRB0000169
आपकी छोटी सी भेंट भी इस पुण्य कार्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।